Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University

Department of Fine Arts


यद्यपि ललितकला एवं संगीत विभाग में स्žनातक स्žतर पर अध्žययन-अध्žयापन 1958 से ही हो रहा है। तथापि स्žनातकोत्žतर स्žतरीय पठन-पाठन चित्रकला में 1981 से और व्žयवहारिक कला में 1988 से प्रारम्žभ हुआ है। वर्तमान में विभाग द्वारा निम्žनलिखित विषयों में स्žनातकोत्žतर स्žतर का अध्žयापन हो रहा है। द्श्žयकला (ललितकला), द्श्žयकला (संप्रेषण कला), द्श्žयकला (मूर्तिकला) एवं मंचकला (गायन), मंचकला (व़ादन), मंचकला (ताल वाद्य)। इस विषय में अब तक 28 छात्र-छात्रायें पी0एच-डी0 उपाधि प्राप्žत कर चुके हैं। इस विभाग से शिक्षित-दीक्षित अनेक छात्र-छात्राओं ने देश के विभिन्žन शहरों में पत्रकारिता, क्रियेटिव आर्ट, टेक्žसटाईल डिजाइनिंग, कार्टूनिंग, फैशन डिजाइनिंग, एडवरटाइजिंग एजेन्žसी, आर्ट डाईरेक्žसन, थियेटर, सेट डिजाइनिंग आदि के क्षेत्र में उल्žलेखनीय कार्य किया है। विभागीय छात्र-छात्राओं द्वारा क्षेत्रीय राज्žय स्žतरीय एवं अखिल भारतीय प्रदर्शनियों में भागीदारी भी उल्žलेखनीय है।

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