Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University

Department of Economics


विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य शुरु होने के द्वितीय वर्ष 1958 में वाणिज्य संकाय के अर्न्तगत अर्थशास्त्र विभाग की स्थापना हुई। विभाग की स्थापना के समय से ही स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षायें चल रही है। अर्थशास्त्र विभाग ने यू0जी0सी0 कार्यशाला 'क्वॉन्टिटेटिव एनेलिसिस इन इकनॉमिक्स' आयोजित किया एवं यू0जी0सी0 द्वारा स्पान्सर्ड परियोजना 'डाइनैमिक्स ऑफ रुरल लेबर माइग्रेशन इन द ईस्टर्न रीजन - गोरखपुर डिवीजन', आई0सी0एस0एस0आर0, नई दिल्ली द्वारा स्पान्सर्ड परियोजना, 'पैटर्न ऑफ इम्प्लायमेन्ट, इन्कम एण्ड इक्सपेन्डिचर ऑफ मार्जिनल एण्ड लैन्डलेस लेबरर ए केस स्ट्डी ऑफ गोरखपुर डिस्टिक्ट इन ईस्टर्न यू0पी0' एवं 'डिमान्ड फार कन्ज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स एण्ड इट्स फाइनेन्सिंग इन गोरखपुर (यू0पी0) का सफलतापूर्वक संचालन हुआ है। एकेडमिक स्टाफ कालेज के सौजन्य से पुनश्चर्या पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है।

अर्थशास्त्र विभाग की स्थापना के समय से ही पठन पाठन के अतिरिक्त उत्कष्ट शोध कार्य पर बल दिया गया। शोध के महत्वपूर्ण क्षेत्र मौद्रिक अर्थशास्त्र, लोकवित्त, अन्तर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र, औदोगिक अर्थशास्त्र, जनसंख्या एवं कषि रहा है। सन 1990 से अज तक 20 से अधिक विद्यार्थियों को पी0एच-डी0 उपाधि प्राप्त हो चुकी है। अर्थशास्त्र विभाग से एक शोध 'अर्थनीति समीक्षा' प्रकाशित होती थी जिसकी लोकप्रियता देश और विदेश दोनों में थी। किन्तु पिछले कई वर्षो से यह शोध पत्रिका अपरिहार्य कारणों से प्रकाशित नही हो पा रही है। इसके पुन प्रकाशन की योजना है।

अर्थशास्त्र विभाग में पठन-पाठन के अतिरिक्त विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समुचित विकास हेतु प्रतिवर्ष लेख-प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं अन्य सांस्कतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जिसके फलस्वरुप अर्थशास्त्र विभाग की स्थापना के समय से ही विद्यार्थी, अखिल भारतीय परीक्षाओं में सफल होते रहे है।

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